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सोशल मीडिया पर नहीं हो सकती निगरानी, पूरे साधन ही नहीं

पाठकों, आपके पास व्हाट्सअप संदेश आते होंगे की सरकार के खिलाफ कुछ न फैलाएं। किसी की निंदा न करें। अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस और सरकार का आईटी विभाग आप पर नजर रखे हुए हैं।

सरकार के पास फिलहाल कोई साधन नहीं

हकीक में इस प्रकार के संदेश झूठ व धमकाने के अलावा कुछ नहीं हैं। सरकार के पास सोशल मीडिया को मॉनिटर करने के के लिए बहुत ही अपर्याप्त साधन हैं। व्हाट्सअप की निगरानी के लिए तो आधे-अधूरे साधन भी नहीं हैं।

मोदी सरकार के मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में बयान दिया था कि व्हाट्सअप को मॉनिटर करने के लिए सरकार के पास कोई भी मेकेनिज्म नहीं है।

सोशल मीडिया विचार व अभिव्यक्ति का साधन भी

देश की जनता सरकार के कार्य व नीतियों से नाराज होकर ही सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना कर रही है। सोशल मीडिया खुद को अभिव्यक्त करने का सशक्त साधन बनाता जा रहा है। इसे रोकना अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरा माना जाएगा।

मोदी सरकार अब क्यों खफा

सवाल यह है कि वर्ष 2014 और उसके कुछ समय बाद तक मोदी सरकार को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब क्यों? जानकारों का मानना है कि उस समय तक सोशल मीडिया पर भाजपा व उसके समर्थकों का 90 फीसदी कब्जा था। चुनाव प्रचार और उसके बाद अपने पक्ष में खुब झूठ फैलाया गया जो अभी जारी है। ram prakash

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